पार्क मे एक भाभी से पलंग तक का सफ़र

मेरा नाम है विकास चौहान, ईये’एम फ्रॉम देल्ही इन शाहदरा, ये कहानी हैं की कैसे मैने एक भाभी पटाई और उसे कैसे चोदा., आज कल मेरे जैसे भाई लोगो को बहुत शोक है भाभियों को पटाने का, क्यू की आज की भाभीया हैं ही इतनी हॉट की साली पति से सॅटिस्फाइड नही हो पाती इसलिए हम जैसे लड़को से चुद रही हैं.

टाइम वेस्ट ना करते हुए हम सीधा स्टोरी पे आते है, हम 3 दोस्त है सागर परवीन और मैं विकास, हम 3 डेली जिम जाया करते थे और वाहा से सीधा पार्क जाते थे, परवीन अपनी बंदी से लगा रहता था और सागर भी अपनी बंदी से लगा रहता था बट मुझमे तो भाभियों का शौक था, तो मैं ऐसे बैठा रहता था.

एक दिन की बात है की मैं बैठा हुआ था सागर और परवीन अपनी बंदियों से लगे हुए थे. तभी 1 सेक्सी सी भाभी मेरे सामने से निकली क्या बताउ दोस्तो साली का फिगर जान लेने वाला था बूब्स क्या बूब्स थे उसके यार उसकी एज 33 थी और उसकी गॅंड, गॅंड तो उसकी पागल कर देने वाली थी वो सूट पहन के आई थी और उसके गॅंड साइड से ऐसे लग रही थी की बस जाके पीछे से चिपक जाउ.

उसके बाद क्या था बस वो पार्क के राउंड लगा के आती और मैं उसे देखता रहता था और वो ऐसे मटक मटक के चलती थी की उसकी गॅंड कह रही हो आजा मेरी गॅंड मार ले., फिर ऐसे ही वो घूमती रही, तो फिर मैने सोचा भाई इस भाभी को तो लंड के मज़े दिलवाने होंगे.

फिर मैं खड़ा हुआ और उसके पीछे पीछे वॉक करने लगा, भाइयों तुम मेरी जगा होते और उसकी गॅंड को देखते तो कसम से पागल हो जाते क्या गॅंड थी उसकी., फिर ऐसे ही मैं उसके पीछे चक्कर लगाते हुए उसकी गॅंड देखने लगा, फिर उसे भी शक होने लगा की मैं उसके पीछे पीछे घूम रहा हू.

उसने एक बार पलट के पीछे देखा मुझे गुस्से मे, मैने एक दम से उसे इग्नोर करके आगे निकल गया.

मेरा लंड तो पूरी तरह पागल हो गया था भाइयों उसकी गॅंड के पीछे, फिर मैने एक ट्रिक अपनाई.

मेरा लंड तो खड़ा ही था पहले से ही तो मैं उसके पीछे पीछे चलते हुए वो जब वॉक कर रही थी तो हाथो को आगे पीछे करके चल रही थी तो जैसे हाथ पीछे गया राइट वाला तो मैं उसके बराबर मे आ गया और उसका हाथ मेरे लंड को टच हो गया भाइयों क्या फीलिंग थी उस टाइम उसके हाथ मेरे लंड पे था और मैं सातवे आसमान पर, मैं तो पूरी तरह पागल ही हो गया था मन कर रहा था झाड़ियों मे लेके घुस जाउ उसे मैं., बट उसे इस बात का पता ही नही चला.

फिर मैने 3 4 बार ऐसे किया और बाद मे पैंट के उपर ही झड़ गया फिर जब मैने 5 किया तो जब उसका हाथ मेरे लंड पे लगा तो उसके हाथ मे मेरा पानी लग गया और उससे भी शक हो गया था की ये अपना लंड टच करवा रहा है फिर मैं जाके बैठ गया और उसे देखता रहा, पर फिर 5 मिनट मे मेरा लंड दुबारा खड़ा हो गया, और मुझे फिर भूत चढ़ गया और सागर और परवीन बस इसे देख रहे थे, फिर मैं दुबारा खड़ा हुआ और जैसे ही वो आई मैं उसके पीछे पीछे चलने लगा, बट उसे पता चल गया था ये अपना लंड टच करवा रहा होगा तो उसने अपने हातो को सीधा कर लिया मतलब् वो अब अपने हाथ नही हिला रही थी, फिर मैने सोचा अब क्या करे यार.

फिर मैने दिमाग़ लगाया और फिर जैसे वो चल रही थी अपना हाथ चलते चलते उसकी गॅंड पे अपना हाथ टच कर दिया भाइयों उस टाइम क्या फीलिंग थी जब उसकी गॅंड को टच किया तो, फिर उसने पीछे मूड के देखा गुस्से मे मैने कहा सॉरी आंटी जी बोली मैं आंटी नही हू ओल मैने कह ओके जी., फिर मैं उसके पीछे दुबारा चलता रहा..

फिर मैं दुबारा टच की उसकी गॅंड और इस बार उसने पीछे मूड के देखा तो मैं शोक था वो नोटी वाली स्माइल देरी थी मैं पागल हो गया की भाई लाइन मिल गई.

फिर हम ऐसे ही घूमते घूमते हुए पार्क के ऐसे कॉर्नर मे थे जा कोई हमे नही देख सकता तभी मैने फयदा उठाते हुए उसकी गॅंड को इस बार पकड़ के दबा दिया.

वो गुस्सा होके बोली ये क्या कर रहे हो मैने कहा आंटी ग़लती से हो गया बोली मैं सब जानती हू तुम क्या कर रहे हो ये, ये सब पब्लिक मे अलोड नही है., मैने मन ही मन सोचा पब्लिक प्लेस मे अलोड नही है ये तो फुल लाइन देरी है, जैसेही हम फिर उसी जगाह आए तो मैने दुबारा उसकी गॅंड दबा दी और उसने मुड़ते ही मेरा लंड टाइट कसकर पकड़ लिया., और मैं एक दम से हैरान हो गया की ये क्या होगया.

तभी वो बोली बहुत उछल रहा है तेरा ये नुन्नु मैने कहा ये नुन्नु आपको फुल मजे देगा, जैसे मैने कहा वो हस्ते हुए चली गई.

और भाइयों मैं तो पागल हो गया की ये क्या हो गया एक दम से आप लोग यकीन नही करोंगे बट उसने कहा तेरा न्यूनू बड़ा उछल रहा है, मैं तो मानो की पागल सा होगया था अब तो मैने सोच लिया था की इसकी गॅंड कसकर भोसड़ा बना के रहूँगा, और मैं वापिस आके अपनी जगह पे बैठ गया.

कहानी पढ़ने के बाद अपने विचार नीचे कॉमेंट सेक्षन मे ज़रूर लिखे, ताकि देसीकाहानी पर कहानियों का ये दौर आपके लिए यूँ ही चलता रहे.

वो फिर बार बार मेरे सामने से होके जारी थी और नोटी स्माइल कर रही थी, और जैसे मेरे सामने से जाती अपनी गॅंड को ठीक करते हुए निकलती, शायद वो कह रही है की आजा मेरी गॅंड मारले फिर उस दिन ऐसे चलता रहा, और फिर 10 बाज चुके थे रात के हम सब घर निकलने लगे थे.. बट जब घर आया तो उसके नाम की मैने 5 मुठिया मारी याद कर करके क्या दिन था वो दोस्तो बाकी की स्टोरी नेक्स्ट पार्ट मे.

किसी भाभी और लड़की को अपनी चुत गर्म करवानी है तो कॉंटॅक्ट टू मी एंड मूज़े मैल करो जिसे भी स्टोरी अछी लगी और आगे डेली क्या क्या हुआ हा जानना चाहते तो मेरे आईडी पे मैल करो मेरी मैल आईडी है फीडबॅक ज़रूर देना की कैसी लगी आपको ये स्टोरी!