दर्द से तड़प रही गर्लफ्रेंड की मस्त चुदाई

फिर मैंने उसे पीठ के बल लेटा दिया और उसकी कमर के नीचे एक तकिया लगा दिया. इससे उसकी चूत थोड़ी खुलकर ऊपर की ओर उठ गई. अब मैंने थोड़ी सी क्रीम अपने लन्ड पर लगाई और लन्ड को उसकी चूत पर सेट कर दिया…

हाय दोस्तों, मेरा नाम रवि है और मेरी उम्र 20 साल है. मेरा रंग गोरा है और मैं एक खूबसूरत स्लिम फिट बॉडी का मलिक हूँ. दोस्तों, मेरा लंड 6.5 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा है!

अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली कहानी है, उम्मीद है आप सब पाठकों को पसन्द आएगी. हालांकि, अन्तर्वासना पर मैंने कई कहानियाँ पढ़ी हैं और वे मुझे पसंद भी आई हैं. इसलिए मैंने सोचा कि क्यों न मैं भी अपनी कहानी आप सभी के साथ शेयर करूं. दोस्तों, वैसे यह कहानी नहीं है, बल्कि मेरी अब तक की जिन्दगी में हुए अनुभव हैं.

यह कहानी मेरी गर्लफ्रेंड की है. वो बहुत ही सुंदर सेक्सी और पानी निकाल देने वाली है. उसका फिगर 32-28-30 का है.

बात आज से करीब 7-8 महीने पहले की है. जब मेरे घर वाले किसी शादी में बाहर गये हुए थे. तब मैंने अपनी गर्लफ्रेंड को फोन कर के घर पर बुला लिया. वो मेरे घर पर 10 बजे आ गयी थी. उस दिन उसने पिंक कलर का सूट पहना हुआ था. जिसमे वो बड़ी ही मस्त लग रही थी.

फिर मिने उसे अंदर बुलाया और ले जाकर मेरे बेडरूम में बिठा दिया. इसके बाद मैं उसके लिए पानी लाने चला गया. पानी पीने के बाद हम कुछ देर इधर – उधर की बातें करने लगे, पर वो बार – बार मुझे ही देख रही थी और उसे देख कर मेरी हालत खराब हो रही थी.

मेरा खड़ा लन्ड अपने पूरे शबाब पर था. कुछ देर के बाद उसने मेरी पैंट पर ध्यान दिया तो उसे हंसी आ गयी. जब मैंने पूछा कि क्या हुआ तो वह बोली कि कुछ नहीं बस ऐसे ही हंसी आ गयी थी.

फिर मैंने उसके हाथ को अपने हाथ में ले लिया तो वो थोड़ा और पास आ गयी. धीरे – धीरे पास आते हुए हमारी साँसें उखड़ने लगी. फिर मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए. किस करते – करते मैंने उसके पूरे कपड़े उतार दिए थे.

फिर जब मैंने उसके होंठों को छोड़ कर उसके चूचे को चूसना शुरू किया तो वह सिसकारियां लेने लग गयी. करीब 5 मिनट तक उसके चूचे चूसने के बाद मैं धीरे – धीरे उसकी नाभि की तरफ बढ़ने लगा.

कुछ देर नाभि के साथ मस्ती करने के बाद मैं उसकी अनछुई चूत पर जा पहुँचा. जो उसने मेरे लिए कल रात को साफ की थी. फिर मैंने उसकी चूत के कपाट को खोल कर देखा तो एक दम गुलाबी सा दाना दिख रहा था.

उसे देख ही मैंने अपनी जीभ उसकी चूत पर लगा दी. जैसे ही मैंने उसकी चूत पे अपनी जीभ लगाई वो उछल पड़ी. धीरे – धीरे मैं उसकी चूत को चाटता रहा और वो सिसकारियां लेती रही. अब वो पूरी तरह गर्म हो चुकी थी और उसकी चूत से पानी धीरे – धीरे बाहर आ रहा था.

इधर मेरी पैंट में मेरा लन्ड खड़ा होकर लोहे की रॉड की तरह सख्त हो चुका था. फिर मैंने अपनी शर्ट और पैंट को उतार दिया. अब मैं सिर्फ़ अंडर वियर में था. मेरे खड़े लन्ड की वजह से मेरा अंडर वियर टेंट बन चुका था और मेरी जान इसे बड़े गौर से देख रही थी.

फिर जब मैंने उससे कहा कि ये लो तुम्हारा कुतुबमीनार, इसे अपने हाथों से बाहर निकालो. अब उसने अपना हाथ अंदर डाल कर लन्ड को बाहर निकाला और उसे देखते ही वह डर गयी और बोली, “इतना बड़ा मैं कैसे ले सकूंगी!”

फिर मैने बड़े प्यार से समझाया कि परेशान न हो, मैं हूँ ना, सब आराम से हो जाएगा. अब मैंने उसे लन्ड चूसने को कहा तो उसने मना कर दिया और बोली, “ये मुझसे नहीं हो पायेगा.” इस पर मैंने बनावटी गुस्सा दिखाते हुए कहा कि ठीक है, तो फिर मुझे नहीं करना कुछ भी!”

अब वह बोली, “बेबी, नाराज़ क्यों होते हो?” इतना बोल कर उसने लन्ड को अपने मुंह में ले लिया. लेकिन उसने थोड़ी देर बाद उल्टी कर दी. यह देख फिर मैंने भी दोबारा लेने को नहीं कहा.

फिर मैंने उसे पीठ के बल लेटा दिया और उसकी कमर के नीचे एक तकिया लगा दिया. इससे उसकी चूत थोड़ी खुलकर ऊपर की ओर उठ गई. अब मैंने थोड़ी सी क्रीम अपने लन्ड पर लगाई और लन्ड को उसकी चूत पर सेट कर दिया.

फिर मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ लगा दिए. किस करते – करते मैंने अपना पहला धक्का लगाया तो मेरा लौंडा फिसल गया. इस बार मैंने फिर अच्छे से सेट किया और किस करते हुए उसके हाथों को पकड़ लिया. दोस्तों, अब उसका पूरा शरीर मेरे क़ब्ज़े में था.

अब मैं धीरे – धीरे अपने लन्ड का दबाब बना रहा था और वो नीचे पड़ी ‘गूं गूं’ की आवाज किए जा रही थी. फिर एकाएक मैंने एक साथ एक ज़ोरदार धक्का लगाया और मेरा लौड़ा लगभग 3 इंच तक उसकी चूत में जा चुका था. इससे वो बुरी तरह से छटपटाने लगी और रोने लगी.

ये तो अच्छा था कि मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रखे हुए थे वरना पूरा मोहल्ला आ जाता. फिर मैंने उसके चूचों को धीरे – धीरे दबाना चालू किया तो उसने थोड़ा रोना कम किया. जैसे ही उसका रोना थोड़ा कम हुआ, वैसे ही मैंने एक और तगड़ा धक्का लगा दिया. इस बार पूरे का पूरा लन्ड उसकी चूत में सेट हो गया था.

इस बार भी वह रोने लगी. थोड़ी देर बाद जब वो थोड़ा नॉर्मल हुई और हल्की – हल्की सिसकारी भरने लगी तो मैंने भी धीरे – धीरे अपने लौड़े को आगे – पीछे करना शुरू कर दिया.

अब वो ‘आह आह’ करती हुई सिसकारियां भरने लगी थी. थोड़ी देर के बाद जब वो थोड़ा और खुलने लगी तो मैंने भी अपने धक्कों की स्पीड बढ़ा दी. अब मैं तेजी से धक्के देने लगा ओर वो ज़ोर – ज़ोर से ‘आहाआ आआ उहह उम्म्म्मममम, एस एस फक मी फक मी’ करने लगी थी.

फिर जब वो झड़ने के करीब हुई तो बोलने लगी, “रवि और तेज करो और तेज, और ज़ोर से मारो मेरी चूत और जोर से, इस साली ने बहुत तड़पाया है. आज इस साली की पूरी गर्मी निकाल दो. ज़ोर से मारो मेरी चूत को और निकाल दो इसका सारा पानी.”

अब मैंने अपने धक्कों की रफ्तार और बढ़ा दी. करीब 20 – 25 धक्कों के बाद उसने मुझे कस कर पकड़ लिया और उसकी चूत से गर्म – गर्म पानी निकलने लगा.

उसकी चूत के पानी की गर्मी मैं भी नहीं बर्दाश्त कर पाया और अगले 8 – 10 धक्कों में मेरा भी काम हो गया. मैंने उसकी चूत को अपने वीर्य से भर दिया और फिर निढाल होकर उसके ऊपर ही लेट गया.

कुछ देर बाद मेरा लन्ड फिर खड़ा हुआ और हमने फिर चुदाई की. उस दिन हमने 3 बार चुदाई की. इसके बाद वो चली गई और बाजार से आई पिल लेकर खा लिया था.

दोस्तों, ये थी मेरी सच्ची कहानी. आप लोगों को कैसी लगी! मुझे मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी